अरविंद केजरीवाल की बेल को लेकर 150 अधिवक्ताओ ने लिखी CJI को चिट्ठी

Published on: 05-Feb-2026

अरविंद केजरीवाल की बेल को लेकर 150 अधिवक्ताओ ने लिखी CJI को चिट्ठी

अरविंद केजरीवाल की बेल को लेकर 150 अधिवक्ताओ ने लिखी CJI को चिट्ठी

दिल्ली के मुख़्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए 150 से अधिक अधिवक्ताओ ने गुरुवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJIडी वाई चंद्रचूड़ को एक ज्ञापन भेजा है। और सीजेआई को दिए गए ज्ञापन में अधिवक्ताओ ने कहा है कि मामले की सुनवाई कर रहे जजईडी और सीबीआई के मामलों में बेल का अंतिम रूप से अरविंद केजरीवाल की बेल का निपटारा नहीं कर रहे हैं और लंबी तारीखें दे रहे हैं।

इस प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है कि दिल्ली के मुख़्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बैल पर रोक लगाने वाले जस्टिस सुधीर कुमार जैन को मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेना चाहिए थाक्योंकि उनके सगे भाई ईडी के वकील हैं।

प्रतिवेदन में कही गई ये बातचीफ जस्टिस को भेजे गए प्रतिवेदन में कहा गया है कि एएसजे न्याय बिंदु द्वारा अरविंद केजरीवाल के लिए बैल आदेश पारित किए जाने के तुरंत बादराउज एवेन्यू अदालत के जिला जज द्वारा एक आंतरिक प्रशासनिक आदेश जारी किया गयाजिसमें सभी अवकाश कोर्ट को निर्देश दिया गया कि वे किसी भी मामले में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेंगे और कहा की केवल नोटिस जारी करेंगे।

हालांकिपीटीआई को सूत्रों ने बताया कि अधिवक्ता अनुराग जैन कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित धन शोधन के किसी भी मामले को नहीं देख रहे हैं। इस प्रतिवेदन पर 157 अधिवक्ताओ द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। इस प्रतिवेदन पर आम आदमी पार्टी (आपके विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख अधिवक्ता श्री संजीव नासियार के हस्ताक्षर भी हैं।

उच्च न्यालय ने लगा दी थी आदेश पर रोक !

यह प्रतिवेदन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अवकाशकालीन न्यायाधीश न्याय बिंदु द्वारा 20 जून 2024 को अरविंद केजरीवाल कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक मामले में बैल दिए जाने को मद्देनजर भेजा गया है। और बाद में ईडी की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बैल आदेश पर रोक लगा दी थी।

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा निचली कोर्ट के बैल आदेश को तत्काल सूचीबद्ध करने और सुनवाई करने  स्थगन लगाने का उल्लेख करते हुएप्रतिवेदन में यह भी कहा गया हैकि 'भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ और नाही देखा गया है और इसने कानूनी बिरादरी के मन में गहरी चिंता पैदा कर दी गयी है।

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picture https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Arvind_Kejriwal_(potrait).jpg

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