कोतवाली, बांदा के पुलिस अधिकारी ने सीजेएम की कलई खोल कर रख दी। एसआइटी जांच में आरोपों को अपराध नहीं माना गया। हाई कोर्ट ने बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद कर दी।
कोर्ट ने कहा कि एक जज का व्यवहार, आचरण, धैर्यशीलता व स्वभाव संवैधानिक हैसियत के अनुसार होना चाहिए। खंडपीठ ने पूर्व चीफ जस्टिस आरसी लहोटी की किताब का उल्लेख करते हुए कहा कि जज जो सुनते हैं, देख नहीं सकते और जो देखते हैं, उसे सुन नहीं सकते। जज की अपनी गाइडलाइंस है।