हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का अहम फैसला स्पीकर के लिए समय सीमा
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसले में विधानसभा अध्यक्ष के लिए विधायकों की स्थिति का फैसला करने से इंकार कर दिया। उच्च न्यायालय के जस संदीप शर्मा की एकल जज बेंच ने राज्य के तीन विधायकों के द्वार पर फैसला सुनाते हुए कहा कि कोई भी कोर्ट विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विद्यालय के लिए फैसला नहीं सुना सकता है, क्योंकि तीनों विधायकों को 22 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था और भाजपा पार्टी में शामिल हो गए थे।
तीनों विधायकों को विधानसभा के स्पीकर के पद से हटा दिया गया था। बेंच में अलग-अलग राय दिए जाने के बाद यह मामला सुनवी हेतु न्याय संदीप शर्मा को भेजा था जज संदीप शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि डिवीजन बेंच के दोनों सदनों द्वारा दिए गए निर्णय को ध्यानपूर्वक पढ़ा गया वह समझ में नहीं आया कि डिवीजन बेंच इस बात से सहमत है कि निर्णय में मांगी गई राहत नहीं दी जा सकती इसका मतलब यह है
कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यकर्ता के इस्तबा की वास्तविकता के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए क्या कोई समय सीमा तय कर सकती है
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